दाती कन्या भ्रूण संरक्षण दिवस पर धार्मिक एवं सास्कृतिक कार्यक्रमों ; का हुआ आयोजन
10 जुलाई 2016 की शाम समस्त चराचर जगत के लिए यादगार बन गई। इस शाम राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के असोला, फतेहपुर बेरी स्थित श्री सिद्ध शक्तिपीठ शनिधाम की रौनक देखते ही बन रही थी। पावन तीर्थ का संपूर्ण परिसर और प्रांगण संतों, महात्माओं, शनिभक्तों और श्रद्धालुओं ; से शोभायमान था। श्री शनिधाम का पावन परिवेश बरबस ही भक्तों और श्रद्धालुओं ; को अपनी ओर आकर्षित कर रहा था।

 अवसर था दाती कन्या भ्रूण संरक्षण दिवस का।  शनिधाम में संत शिरोमणिपरम ज्ञानीमार्ग दर्शकपथ प्रदर्शकगीता एवं गंगा के संरक्षकगरीबों और गायों के सेवक सिद्ध शक्तिपीठ शनिधाम पीठाधीश्वर शनिचरणानुरा ;गी   1008 महामण्डलेë 8;्वर परमहंस दाती महाराज के सानिध्य में अन्य वर्षों की भांति इस वर्ष भी दाती कन्या भ्रूण संरक्षण दिवस श्रद्धाभक्ति एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर संतों,राजनेताओंआभिनेताओंसमाजसेवियí 9;ंऔर बुद्धिजीविय ;ों समेत 10 हजार लोगों ने कन्या भ्रूण संरक्षण एवं महिला सशक्तिकरण की दिशा में कार्य करने का संकल्प लिया। 

दाती कन्या भ्रूण संरक्षण दिवस पर  सिद्ध शक्तिपीठ शनिधाम में भव्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों ; का आयोजन भी किया गया। जिसमें देश भर के संतोंमहात्माओं,और धर्माचार्यो ;ं के साथ-साथ बड़ी संख्या में मंत्रियोंराजनेताओंसमाजसेविय 379;ंबुद्धिजिव 367;योंमीडियाकर् 350;ियोंशनिभक्तों और श्रद्धालुओं ; का शुभागमन हुआ। कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री ;  मनोहरलाल खट्टर ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। मुख्यमंत्री ; ने उद्बोधन में कहा कि परमहंस दाती महाराज केवल एक सिद्ध संत ही नहींबल्कि समाज के मार्ग दर्शकपथ प्रदर्शक भी हैं। ये गीतागंगा एवं गायत्री के संरक्षक और गरीबोंअसहायोंविधवाओं एवं गौ माता के सेवक हैं। दाती महाराज पिछले 19 वर्षों से कन्या भ्रूण संरक्षणमहिला सशक्तिकरण और बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ- देश बचाओ की दिशा में कार्य करते आ रहे हैं।  खट्टर ने कहा कि दाती कन्या भ्रूणअन्नजल एवं पर्यावरण संरक्षण के अतिरिक्त शिक्षास्वास्थ्ययोगध्यानज्ञान और विज्ञान की दिशा में भी प्रसंशनीय कर्य कर रहे हैं। महाराज की प्रेरणा से  शनिधाम ट्रस्ट देशभर में असहायोंनिशक्तों और जरूरतमंदों के लिए विभिन्न योजनाओं का संचालन कर रहा  है। उन्होंने कहा कि सच्चा संत वही हैजो समाज को सही दिशा में ले जाए और सुसंस्कृत राष्ट्र के निर्माण में अपनी महती भूमिका निभाए। उन्होंने दाती महाराज से हरियाणा में भी बेटियों को संबल प्रदान करने और महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में सहयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्र ;ी  नरेंद्र मोदी द्वारा हरियाणा में बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ योजना के शुभारंभ के बाद से लिंगानुपात में सुधार हो रहा है। हरियाणा में पहले जहां 1000 बेटों पर 826 बेटियां थीवहां अब बेटियों की संख्या प्रति 1000 बेटों पर बढ़कर 879 के पार पहुच गई है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार तबतक इस दिशा में कार्य करती रहेगीजबतक  प्रदेश में बेटियों की संख्या बेटों के बराबर नहीं हो जाएगी। मुख्यमंत्री ; ने इस अवसर पर  शनिधाम ट्रस्ट को 21 लाख 50हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा भी की। उन्होंने हरियाणा सरकार द्वारा दाती महाराज के इस अभियान को जन- जन तक पहंचाने में हर संभव सहयोग का आश्वासन भी दिया। 

संतों का उद्बोधन

समारोह में पधारे सभी संतोंने भी अपने-अपने उद्बोधन में परमहंस दाती महाराज की प्रेरणा से  शनिधाम ट्रस्ट की ओर से राजस्थान और मध्यप्रदेश समेत देश भर में कन्या भ्रूण संरक्षण एवं महिला सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे कार्यों की भूरी-भूरी प्रशंसा की। उन्होंने बेटी बचाओबेटी पढ़ाओदेश बचाओ अभियान को अपनानेकन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ अभियान चलाने और कन्या भ्रूण संरक्षण का संकल्प भी लिया। सभी संतों ने दाती महाराज द्वारा बेटियोंबहनोंमाताओं के सम्मान हेतु किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की। संतों ने दाती महाराज की प्रेरणा से  शनिधाम ट्रस्ट द्वारा कन्या भ्रूण संरक्षणमहिला सशक्तिकरणमहिला उत्थान और नारी सम्मान की दिशा में किए जा रहे कार्यों की तारीफ करते हुए ह्रदय के अंतःकरण से उन्हें आशीर्वाद दिया। संतों ने कहा कि जिस भारत में बेटियों को देवी का दर्जा प्राप्त है। जहां बेटियों को शक्ति की देवी दुर्गाधन की देवी लक्ष्मी और विद्या की देवी सरस्वती के रूप में पूजा जाता है। जहां नारी तू नारायणी कहा जाता है। जहां यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता: यत्रैतास्तु ; न पूज्यन्ते सर्वास्तत्र ;ाफला क्रियाः। अर्थात जहां नारी की पूजा होती हैवहां देवताओं का वास होता है और जिस कुल में नारियों की पूजा होती हैसत्कार होता हैउस कुल में दिव्यगुणदिव्य भोग और उत्तम संतान होते हैं और जिस कुल में स्त्रियों की पूजा नहीं होतीवहां उसकी सभी क्रियाएं निष्फल हैं। उस महान देश में कन्या भ्रूणहत्याकोख में ही कन्याओं का कत्लमहिलाओं का अपमान तथा नारियों पर हिंसा एक सामाजिक कुरीति ही नहींअपितु महापाप है। 

संतों ने कहा कि वैदिक काल में कोई भी धार्मिक कार्य नारी की उपस्थिति के बगैर प्रारंभ नहीं होता था। यज्ञ और धार्मिक प्रार्थना में यज्ञकर्ता या प्रार्थनाकर ;्ता की अर्धांगिनी का होना आवश्यक था। नारियों को धर्म और राजनीति में भी पुरुषों से समान ही समानता प्राप्त थी। नारियां वेद पढ़ती थीं और पढ़ाती थीं। उसी देश में आज आज कन्याओं को कोख में ही मारा जा रहा है। कन्याओं का कत्ल किया जा रहा है। वही देश आज नारी अपमानअत्याच&#

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23 अक्तूबर रविवार को करें जमकर खरीदारी
 

23 अक्तूबर, रविवार को भी खरीदारी के महायोग बन रहे हैं। इस दिन राधाष्टमी, कालाष्टमी, रविवार के दिन पुष्य योग अर्थात रवि पुष्य योग के अलावा सर्वार्थ सिद्धि योग तथा श्री वत्स योग भी पड़ रहा है।


मंत्रियों और सांसदों ने की दाती महाराज के कार्यों की सराहना
 

समारोह में पधारे तमाम मंत्रियों, सांसदों और जनप्रतिनिधि ;यों ने भी एक स्वर में दाती महाराज के इस महा- अभियान की सराहना की और इससे जु


दाती कन्या भ्रूण संरक्षण दिवस पर संतों नें किया आहवान
 

दाती कन्या भ्रूण संरक्षण दिवस पर श्री सिद्ध शक्तिपीठ शनिधाम में भव्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों ; का आयोजन भी किया गया


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कालयोगी आचार्य महिंदर कृष्ण शर्मा- मंगल गर्म प्रकृति का ग्रह है.इसे पाप ग्रह माना जाता है.विवाह और वैवाहिक जीवन में मंगल का अ


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शनि के अनुचर हैं राहु और केतु। शरीर में इनके स्थान नियुक्त हैं। सिर राहु है तो केतु धड़। यदि आपके गले सहित ऊपर सिर तक किसी भी प्


क्या मतलब होता है आपके सपनो का
 

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